29 Jul 2018

Sanskrit subhashitani

0 comments

            हस्तस्य भूषणम दानम, सत्यं कंठस्य भूषणं।
           श्रोतस्य भूषणं शास्त्रम,भूषनै:किं प्रयोजनम।।


अर्थ :- हाथ का आभूषण दान है, गले का आभूषण सत्य है, कान की शोभा शास्त्र सुनने से है, अन्य आभूषणों की क्या आवश्यकता है।