रिशता शायरी

Share:

शीशा अौर रिशता दोनों हि बङे नाज़ुक होते हैं 
दोनों में सिर्फ एक ही फर्क है, 
शीशा गलती से टूट जाता है 
अौर रिशता गलतफहमियों से