22 Oct 2018

संत कबीर के प्रसिद्द दोहे और उनके अर्थ

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कबीर सो धन संचे, जो आगे को होय। 
सीस चढ़ाए पोटली, ले जात न देख्यो कोय।

भावार्थ: कबीर कहते हैं कि उस धन को इकट्ठा करो जो भविष्य में काम आए। सर पर धन की गठरी बाँध कर ले जाते तो किसी को नहीं देखा।