24 Nov 2018

विलियम शेक्सपियर | साई बाबा | बुद्ध | थॉमस जैफरसन | अर्नेस्ट डिमनेट के विचार हिंदी में

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“अपेक्षा ही मनोव्यथा का मूल है।”
~विलियम शेक्सपियर
 

“कर्म की उत्पत्ति विचार में है, अतः विचार ही महत्त्वपूर्ण हैं।”
~साई बाबा
 

“कोई शत्रु नहीं, बल्कि मनुष्य का मन ही है जो उसे पथभ्रष्ट करता है।”
~बुद्ध
 

“विनम्र तो सबके साथ रहें, लेकिन घनिष्ठ कुछ एक के साथ ही।”
~थॉमस जैफरसन
 

“बच्चों को शिक्षित करना तो ज़रूरी है ही, उन्हें अपने आपको शिक्षित करने के लिए छोड़ देना भी उतना ही ज़रूरी है।”
~अर्नेस्ट डिमनेट