24 Nov 2018

बर्न विलियम्स | मोहनदास करमचंद गांधी | सीज़र बेकरिया के विचार हिंदी में

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“शांतचित्तता तो पारे की तरह है। आप इसे पाने की जितनी ज्यादा कोशिश करते हैं, यह उतनी ही मुश्किल से हाथ आती है।”
~बर्न विलियम्स
 

“अगर आपको सफर आसान लगने लगे तो हो सकता है आप उतार में जा रहे हों।”
~अज्ञात
 

“करुणा, एक भाषा जिसे बधिर सुन सकते हैं और नेत्रहीन देख सकते हैं।”
~अज्ञात
 

“मैं हिंसा पर आपत्ति उठाता हूं क्योंकि जब लगता है कि इसमें कोई भलाई है, तो ऐसी भलाई अस्थाई होती है; लेकिन इससे जो हानि होती है वह स्थायी होती है।”
~मोहनदास करमचंद गांधी
 

“अपराध होने ही न देना अपराधियों को दंडित करने से बेहतर है।”
~सीज़र बेकरिया