जोसेफ फेर्रेल | मदर टेरेसा | हेनरी ड्रम्मन्ड के विचार हिंदी में

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“यदि आप तर्क करते हैं तो अपने मिज़ाज (गुस्से) का ध्यान रखें। आपका तर्क, यदि आपके पास कोई है, स्वयं इसकी देखभाल कर लेगा।”
~जोसेफ फेर्रेल
 

“वास्तविक महानता की उत्पत्ति स्वयं पर खामोश विजय से होती है।”
~अज्ञात
 

“जीवन में बुरी आदत पर विजय प्राप्त करने की तुलना में कोई इससे बड़ा आनन्द नहीं हो सकता है।”
~अज्ञात
 

“यदि आप सौ व्यक्तियों की सहायता नहीं कर सकते तो केवल एक की ही सहायता कर दें।”
~मदर टेरेसा
 

“जब तक किसी व्यक्ति द्वारा अपनी संभावनाओं से अधिक कार्य नहीं किया जाता है, तब तक उस व्यक्ति द्वारा वह सब कुछ नहीं किया जा सकेगा जो वह कर सकता है।”
~हेनरी ड्रम्मन्ड