7 Feb 2019

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चिन्ता चित्त विशारिये फिरि बुझिये नहीं आन
इंद्री पसारा मेटिये,सहज मिलिये भगवान।

मन में चिंताओं को भूल जाईये और दूसरों से भी उनकी चिंताओं को मत पूछिये।
अपने बिषय इन्द्रियों को फैलने से नियंत्रन करें। आप सहज हीं प्रभु को पा लेगें।

Forget your worries, don’t think about anxiety coming back
Control your senses from expanding,you will easily find the God.

— Kabir